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श्लोक 287
श्लोक
2.20.287
ताँर नाभि - पद्म हैते उठिल एक पद्म ।
सेइ पद्मे हइल ब्रह्मार जन्म - सद्म ॥287॥
अनुवाद
"तब गर्भोदकशायी विष्णु की नाभि कमल से एक कमल का फूल उत्पन्न हुआ। वह कमल का फूल भगवान ब्रह्मा का जन्मस्थान बन गया।"
“Then a lotus flower emerged from the navel of that Garbhodakashayi Vishnu and that flower became the birthplace of Brahma.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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