श्री चैतन्य चरितामृत  »  लीला 2: मध्य लीला  »  अध्याय 19: श्री चैतन्य महाप्रभु द्वारा श्रील रूप गोस्वामी को उपदेश  »  श्लोक 89
 
 
श्लोक  2.19.89 
भट्टाचार्य श्री - रूपे देओयाइल ‘अवशे ष’ ।
तबे सेइ प्रसाद कृष्णदास पाइल शेष ॥89॥
 
 
अनुवाद
वल्लभ भट्टाचार्य ने भगवान के भोजन के अवशेष सर्वप्रथम श्रील रूप गोस्वामी को तथा तत्पश्चात कृष्णदास को अर्पित किये।
 
Vallabha Bhattacharya first gave the remainder of Mahaprabhu's meal to Srila Rupa Goswami and then to Krishnadas.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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