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अध्याय 19: श्री चैतन्य महाप्रभु द्वारा श्रील रूप गोस्वामी को उपदेश
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श्लोक 79
श्लोक
2.19.79
हुङ्कार करि’ यमुनार जले दिला झाँप ।
प्रभु देखि’ सबार मने हैल भय - काँप ॥79॥
अनुवाद
सचमुच, जैसे ही श्री चैतन्य महाप्रभु ने यमुना नदी देखी, वे तुरन्त एक ज़ोरदार आवाज़ करते हुए पानी में कूद पड़े। यह देखकर सभी लोग भय और काँप से भर गए।
Upon seeing the Yamuna River, Sri Chaitanya Mahaprabhu roared and jumped into the water. Seeing this, everyone trembled with fear.
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हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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