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श्लोक 2.19.6  |
श्री - रूप - गोसाञि तबे नौकाते भरिया ।
आपनार घरे आइला बहु - धन लञा ॥6॥ |
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| अनुवाद |
| इस समय श्री रूप गोस्वामी नावों में लदे हुए बहुत से धन को साथ लेकर घर लौट आये। |
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| At this time, Sri Rupa Goswami returned home carrying with him a large amount of wealth in boats. |
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