श्री चैतन्य चरितामृत  »  लीला 2: मध्य लीला  »  अध्याय 19: श्री चैतन्य महाप्रभु द्वारा श्रील रूप गोस्वामी को उपदेश  »  श्लोक 49
 
 
श्लोक  2.19.49 
कृष्णेर करुणा किछु ना याय वर्णने ।
विषय - कूप हैते काड़िल तोमा दुइजने ॥49॥
 
 
अनुवाद
श्री चैतन्य महाप्रभु ने तब कहा, "कृष्ण की कृपा का वर्णन करना संभव नहीं है, क्योंकि उन्होंने तुम दोनों को भौतिक भोग के कुएँ से मुक्ति दिलाई है।
 
Then Sri Chaitanya Mahaprabhu said, “It is impossible to describe the grace of Krishna, because He has taken both of you out of the well of material enjoyment.”
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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