|
| |
| |
श्लोक 2.19.243  |
दाक्षिणात्य - विप्र ताँरे घरे ला ञा गेला ।
तबे दुइ भाइ वृन्दावनेरे चलिला ॥243॥ |
|
| |
| |
| अनुवाद |
| दक्कन से आये ब्राह्मण ने रूप गोस्वामी को अपने घर ले लिया और उसके बाद दोनों भाई वृन्दावन के लिए प्रस्थान कर गये। |
| |
| A Brahmin from the south took Rupa Goswami to his home. The two brothers then set off for Vrindavan. |
| ✨ ai-generated |
| |
|