श्री चैतन्य चरितामृत  »  लीला 2: मध्य लीला  »  अध्याय 19: श्री चैतन्य महाप्रभु द्वारा श्रील रूप गोस्वामी को उपदेश  »  श्लोक 243
 
 
श्लोक  2.19.243 
दाक्षिणात्य - विप्र ताँरे घरे ला ञा गेला ।
तबे दुइ भाइ वृन्दावनेरे चलिला ॥243॥
 
 
अनुवाद
दक्कन से आये ब्राह्मण ने रूप गोस्वामी को अपने घर ले लिया और उसके बाद दोनों भाई वृन्दावन के लिए प्रस्थान कर गये।
 
A Brahmin from the south took Rupa Goswami to his home. The two brothers then set off for Vrindavan.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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