श्री चैतन्य चरितामृत  »  लीला 2: मध्य लीला  »  अध्याय 18: श्री चैतन्य महाप्रभु द्वारा वृन्दावन में भ्रमण  »  श्लोक 198
 
 
श्लोक  2.18.198 
निज - शास्त्र दे खि’ तुमि विचार करिया ।
कि लिखियाछे शेषे कह निर्णय करिया ॥198॥
 
 
अनुवाद
“अपनी कुरान को देखकर और उसमें लिखी बातों पर विचार करके, आप क्या निष्कर्ष निकालते हैं?”
 
“What is your decision after looking at your Quran and considering what is written in it?”
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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