vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री चैतन्य चरितामृत
»
लीला 2: मध्य लीला
»
अध्याय 18: श्री चैतन्य महाप्रभु द्वारा वृन्दावन में भ्रमण
»
श्लोक 181
श्लोक
2.18.181
म्लेच्छ - गण आसि’ प्रभुर वन्दिल चरण ।
प्रभु - आगे कहे , - एइ ठक् चारि - जन ॥181॥
अनुवाद
तब सभी मुसलमान सैनिक भगवान के सामने आये, उनके चरण कमलों की पूजा की और कहा, “यहाँ चार बदमाश हैं।
Then all the Muslim soldiers came before Mahaprabhu, worshipped his feet and said, “These four are cunning people (swindlers).
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×