vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री चैतन्य चरितामृत
»
लीला 2: मध्य लीला
»
अध्याय 18: श्री चैतन्य महाप्रभु द्वारा वृन्दावन में भ्रमण
»
श्लोक 157
श्लोक
2.18.157
एत ब लि’ महाप्रभुरे नौकाय वसाञा ।
पार करि’ भट्टाचार्य चलिला लञा ॥157॥
अनुवाद
यह कहकर बलभद्र भट्टाचार्य ने श्री चैतन्य महाप्रभु को नाव पर बिठाया और नदी पार करके भगवान को अपने साथ ले गए।
Saying this, Balabhadra Bhattacharya put Sri Chaitanya Mahaprabhu in the boat and after crossing the river, he took Mahaprabhu with him.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×