vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री चैतन्य चरितामृत
»
लीला 2: मध्य लीला
»
अध्याय 18: श्री चैतन्य महाप्रभु द्वारा वृन्दावन में भ्रमण
»
श्लोक 154
श्लोक
2.18.154
ये तोमार इच्छा, आमि सेइत करिब ।
याहाँ लञा याह तुमि, ताहाङि याइब” ॥154॥
अनुवाद
"आप जो चाहें, मुझे करना होगा। आप मुझे जहाँ भी ले जाएँ, मैं वहाँ जाऊँगा।"
"I will do whatever you wish. I will go wherever you take me."
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×