श्री चैतन्य चरितामृत  »  लीला 2: मध्य लीला  »  अध्याय 18: श्री चैतन्य महाप्रभु द्वारा वृन्दावन में भ्रमण  »  श्लोक 124
 
 
श्लोक  2.18.124 
तोमार नाम शुनि’ हय श्वपच ‘पावन’ ।
अलौकिक शक्ति तोमार ना याय कथन ॥124॥
 
 
अनुवाद
"आपका पवित्र नाम सुनने मात्र से कुत्ते खाने वाले भी पवित्र संत बन जाते हैं। आपकी असाधारण शक्तियों का वर्णन शब्दों में नहीं किया जा सकता।
 
“Only by hearing your holy name, dog-eaters (chandalas) become holy saints.
 ✨ ai-generated
 
 
  Connect Form
  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
  © 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by acd