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श्लोक 2.17.91  |
प्रभुर ‘शेषान्न’ मिश्र सवंशे खाइल ।
‘प्रभु आइला’ शुनि’ चन्द्रशेखर आइल ॥91॥ |
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| अनुवाद |
| श्री चैतन्य महाप्रभु द्वारा छोड़े गए भोजन के अवशेष तपन मिश्र के पूरे परिवार ने ग्रहण किए। जब यह समाचार फैला कि भगवान पधारे हैं, तो चन्द्रशेखर उनसे मिलने आए। |
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| The food left by Sri Chaitanya Mahaprabhu was consumed by the entire family of Tapan Mishra. |
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