श्री चैतन्य चरितामृत  »  लीला 2: मध्य लीला  »  अध्याय 17: महाप्रभु की वृन्दावन यात्रा  »  श्लोक 211
 
 
श्लोक  2.17.211 
शुक - मुखे शुनि’ तबे कृष्णेर वर्णन ।
शारिका पड़ये तबे राधिका - वर्णन ॥211॥
 
 
अनुवाद
नर तोते से भगवान कृष्ण का यह वर्णन सुनकर मादा तोते ने श्रीमती राधारानी का वर्णन सुनाना आरम्भ किया।
 
After listening to the description of Lord Krishna from the male parrot, the female parrot started describing Srimati Radharani.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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