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श्री चैतन्य चरितामृत
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श्लोक 76
श्लोक
2.16.76
एइ - मत सब वैष्णव गौड़े चलिला ।
विद्यानिधि से वत्सर नीलाद्रि रहिला ॥76॥
अनुवाद
अंततः सभी वैष्णव बंगाल लौट आये, लेकिन उस वर्ष पुण्डरीक विद्यानिधि जगन्नाथ पुरी में ही रहे।
Ultimately all the Vaishnavas returned to Bengal, but Pundarika Vidyanidhi remained in Jagannath Puri that year.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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