दुनिया भर में चैतन्य महाप्रभु के पंथ का प्रचार करना, अपनी व्यक्तिगत संतुष्टि के लिए वृंदावन या जगन्नाथपुरी में रहने से अधिक महत्वपूर्ण है। कृष्ण चेतना का प्रसार करना श्री चैतन्य महाप्रभु का मिशन है; इसलिए उनके सच्चे भक्तों को उनकी इच्छा पूरी करनी चाहिए।
पृथिवीते आछे यता नगरदि ग्राम
सर्वत्र प्रचार हैबे मोरा नाम
भगवान चैतन्य के भक्तों को दुनिया के हर गाँव और कस्बे में कृष्ण चेतना का प्रचार करना चाहिए। इससे भगवान संतुष्ट होंगे। ऐसा नहीं है कि किसी को अपनी व्यक्तिगत संतुष्टि के लिए सनकी ढंग से काम करना चाहिए। यह आदेश परंपरा प्रणाली के माध्यम से आता है, और आध्यात्मिक गुरु ये आदेश शिष्य को प्रस्तुत करते हैं ताकि वह श्री चैतन्य महाप्रभु के संदेश को फैला सके। प्रत्येक शिष्य का यह कर्तव्य है कि वह वास्तविक आध्यात्मिक गुरु के आदेश का पालन करें और भगवान चैतन्य के संदेश को पूरी दुनिया में फैलाएँ।
