| श्री चैतन्य चरितामृत » लीला 2: मध्य लीला » अध्याय 16: महाप्रभु द्वारा वृन्दावन जाने की चेष्टा » श्लोक 241 |
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| | | | श्लोक 2.16.241  | से छल से - काले कृष्ण स्फुराबे तोमारे ।
कृष्ण - कृपा याँरे, तारे के राखिते पारे ॥241॥ | | | | | | | अनुवाद | | "उस समय तुम्हें किस प्रकार के साधन अपनाने होंगे, यह कृष्ण बताएँगे। यदि किसी पर कृष्ण की कृपा हो, तो उसे कोई नहीं रोक सकता।" | | | | "Only Krishna will tell you what measures you will need to take at that time. If someone is blessed by Krishna, no one can stop him." | | ✨ ai-generated | | |
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