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श्लोक 2.16.211  |
तबे ‘रामकेलि’ - ग्रामे प्रभु यैछे गेला ।
‘नाटशाला’ हैते प्रभु पुनः फिरि’ आइला ॥211॥ |
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| अनुवाद |
| इसके बाद भगवान रामकेलि नामक गाँव और कानई नाटशाला नामक स्थान पर गए। वहाँ से वे शांतिपुर लौट आए। |
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| After this, Mahaprabhu went to Ramkeli village and a place called Kanai Natashala. From there he returned to Shantipur. |
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