श्री चैतन्य चरितामृत  »  लीला 2: मध्य लीला  »  अध्याय 16: महाप्रभु द्वारा वृन्दावन जाने की चेष्टा  »  श्लोक 187
 
 
श्लोक  2.16.187 
तबे महाप्रभु ताँरे कृपा - दृष्टि क रि’ ।
आश्वासिया कहे , - तुमि कह ‘कृष्ण’ ‘हरि’ ॥187॥
 
 
अनुवाद
श्री चैतन्य महाप्रभु ने तब मुस्लिम राज्यपाल की ओर दया भरी दृष्टि से देखा और उसे आश्वासन देते हुए "कृष्ण" और "हरि" पवित्र नामों का जप करने को कहा।
 
Sri Chaitanya Mahaprabhu then cast His gracious glance upon the Muslim governor. He reassured him and asked him to chant the holy names of Krishna and Hari.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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