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श्लोक 2.16.154  |
भूमेते पड़िला राय नाहिक चेतन ।
राये कोले क रि’ प्रभु करये क्रन्दन ॥154॥ |
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| अनुवाद |
| जब रामानन्द राय भूमि पर गिर पड़े और अचेत हो गये, तब श्री चैतन्य महाप्रभु ने उन्हें अपनी गोद में उठा लिया और रोने लगे। |
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| When Ramanand Rai fell unconscious on the ground, Sri Chaitanya Mahaprabhu took him in his lap and started lamenting. |
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