| श्री चैतन्य चरितामृत » लीला 2: मध्य लीला » अध्याय 16: महाप्रभु द्वारा वृन्दावन जाने की चेष्टा » श्लोक 143 |
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| | | | श्लोक 2.16.143  | पण्डिते ल ञा याइते सार्वभौमे आज्ञा दिला ।
भट्टाचार्य कहे , - “उठ, ऐछे प्रभुर लीला ॥143॥ | | | | | | | अनुवाद | | श्री चैतन्य महाप्रभु ने सार्वभौम भट्टाचार्य को गदाधर पंडित को अपने साथ ले जाने का आदेश दिया। भट्टाचार्य ने गदाधर पंडित से कहा, "उठो! श्री चैतन्य महाप्रभु की लीलाएँ ऐसी ही हैं।" | | | | Sri Chaitanya Mahaprabhu ordered Sarvabhauma Bhattacharya to take Gadadhara Pandit with him. So Bhattacharya said to Gadadhara Pandit, “Get up! Such are the pastimes of Sri Chaitanya Mahaprabhu.” | | ✨ ai-generated | | |
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