श्री चैतन्य चरितामृत  »  लीला 2: मध्य लीला  »  अध्याय 16: महाप्रभु द्वारा वृन्दावन जाने की चेष्टा  »  श्लोक 103
 
 
श्लोक  2.16.103 
शुनि’ आनन्दित राजा अति - शीघ्र आइला ।
प्रभु देखि’ दण्डवत्भूमेते पड़िला ॥103॥
 
 
अनुवाद
राजा यह समाचार सुनकर बहुत प्रसन्न हुआ और शीघ्रता से वहाँ गया। भगवान को देखते ही वह उन्हें प्रणाम करने के लिए गिर पड़ा।
 
The king was overjoyed to hear this news and quickly arrived. Seeing the Lord, he prostrated before Him.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)