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श्लोक 2.15.96  |
इहार घरेर आय - व्यय सब - तोमार स्थाने ।
‘सर खे ल’ हञा तुमि करिह समाधाने ॥96॥ |
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| अनुवाद |
| कृपया वासुदेव दत्त के पारिवारिक मामलों का ध्यान रखें। उनके प्रबंधक बनें और उचित समायोजन करें। |
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| "Please look into Vasudev Dutt's family affairs. Be his administrator and make proper arrangements. |
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