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अनुवाद
मंदिर में दर्शन के बाद, श्री चैतन्य महाप्रभु उपलभोग के दौरान बाहर ही रहते थे। फिर वे हरिदास ठाकुर से मिलने जाते और अपने निवास स्थान पर लौट जाते।
After entering the temple, Sri Chaitanya Mahaprabhu would stay outside the temple during Upalbhoga. He would then visit Haridasa Thakura and then return to his residence.
तात्पर्य
दोपहर में जब भोग-वर्धन-खण्ड नामक जगह पर उपाला-भोग का भोग लगता था, तब श्री चैतन्य महाप्रभु मंदिर से बाहर निकल जाते थे। बाहर निकलने से पहले, वे गरुड़-स्तम्भ स्तंभ के पास खड़े होकर अपना नमस्कार और प्रार्थना अर्पित करते थे। तत्पश्चात, भगवान सिद्ध-बाकुला जाते थे, जहाँ हरिदास ठाकुर रहते थे। हरिदास ठाकुर से मिलने के बाद, भगवान काशी मिश्र के निवास पर अपने स्थान पर वापस आते थे।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥