एइ - मत रास - यात्रा, आर दीपावली ।
उत्थान - द्वादशी यात्रा देखिला सकलि ॥36॥
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अनुवाद
श्री चैतन्य महाप्रभु और उनके भक्तों ने रास-यात्रा, दीपावली और उत्थान-द्वादशी सहित सभी त्योहारों में भाग लिया।
Sri Chaitanya Mahaprabhu and all his devotees participated in all the festivals like Rasa Yatra, Diwali and Utthan Dwadashi.
तात्पर्य
दीपावली त्यौहार कार्तिक महीने (अक्टूबर-नवंबर) की अमावस की रात को होता है। इसी महीने की पूर्णिमा की रात को राधा और कृष्ण का रास-लीला नृत्य होता है। इसी महीने के कृष्ण पक्ष की एकादशी के बाद के दिन उद्धान-द्वादशी होती है। श्री चैतन्य महाप्रभु के सभी भक्त इन सभी त्यौहारों में शामिल हुए।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥