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श्लोक 2.15.219  |
श्रद्धा करि’ भट्टाचार्य सब कराइल ।
शुभ्र - पीठोपरि सूक्ष्म वसन पातिल ॥219॥ |
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| अनुवाद |
| इस प्रकार भट्टाचार्य ने अनेक प्रकार के भोजन तैयार किये और एक सफेद लकड़ी के मंच पर बढ़िया कपड़ा बिछा दिया। |
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| In this way Bhattacharya prepared many types of dishes and then he spread a fine cloth on the white wooden stool. |
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