श्री चैतन्य चरितामृत  »  लीला 2: मध्य लीला  »  अध्याय 15: महाप्रभु द्वारा सार्वभौम भट्टाचार्य के घर पर प्रसाद स्वीकार करना  »  श्लोक 219
 
 
श्लोक  2.15.219 
श्रद्धा करि’ भट्टाचार्य सब कराइल ।
शुभ्र - पीठोपरि सूक्ष्म वसन पातिल ॥219॥
 
 
अनुवाद
इस प्रकार भट्टाचार्य ने अनेक प्रकार के भोजन तैयार किये और एक सफेद लकड़ी के मंच पर बढ़िया कपड़ा बिछा दिया।
 
In this way Bhattacharya prepared many types of dishes and then he spread a fine cloth on the white wooden stool.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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