श्री चैतन्य चरितामृत  »  लीला 2: मध्य लीला  »  अध्याय 14: वृन्दावन लीलाओं का सम्पादन  »  श्लोक 91
 
 
श्लोक  2.14.91 
एइ - मत जल - क्रीड़ा करि’ कत - क्षण ।
आइटोटा आइला प्रभु लञा भक्त - गण ॥91॥
 
 
अनुवाद
कुछ समय तक जल में क्रीड़ा करने के पश्चात् श्री चैतन्य महाप्रभु अपने भक्तों के साथ आइटोटा में अपने स्थान पर लौट आये।
 
After playing in the water for some time, Sri Chaitanya Mahaprabhu returned to his place called Aitota with his devotees.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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