श्री चैतन्य चरितामृत  »  लीला 2: मध्य लीला  »  अध्याय 14: वृन्दावन लीलाओं का सम्पादन  »  श्लोक 89
 
 
श्लोक  2.14.89 
आपने ताँहार उपर करिल शयन ।
‘शेष - शायी - लीला’ प्रभु कैल प्रकटन ॥89॥
 
 
अनुवाद
जल पर तैर रहे अद्वैत प्रभु पर लेटकर श्री चैतन्य महाप्रभु ने शेषशायी विष्णु की लीला का प्रदर्शन किया।
 
Sri Chaitanya Mahaprabhu performed the leela of Sheshashaayi Vishnu by lying on Advaita Prabhu floating in the water.
 ✨ ai-generated
 
 
  Connect Form
  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
  © 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by acd