श्री चैतन्य चरितामृत  »  लीला 2: मध्य लीला  »  अध्याय 14: वृन्दावन लीलाओं का सम्पादन  »  श्लोक 26
 
 
श्लोक  2.14.26 
छाना, पाना, पैड़, आम्र, नारिकेल, काँठाल ।
नाना - विध कदलक, आर बीज - ताल ॥26॥
 
 
अनुवाद
वहाँ दही, फलों का रस, नारियल, आम, सूखा नारियल, कटहल, विभिन्न प्रकार के केले और ताड़ के फल के बीज थे।
 
It contained curd, fruit juice, coconut, mango, dry coconut, jackfruit, different types of bananas and palm seeds.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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