श्री चैतन्य चरितामृत  »  लीला 2: मध्य लीला  »  अध्याय 14: वृन्दावन लीलाओं का सम्पादन  »  श्लोक 216
 
 
श्लोक  2.14.216 
प्रभु कहे, - श्रीवास, तोमाते नारद - स्वभाव ।
ऐश्वर्य - भावे तोमाते, ईश्वर - प्रभाव ॥216॥
 
 
अनुवाद
श्री चैतन्य महाप्रभु ने तब श्रीवास ठाकुर से कहा, "हे श्रीवास, आपका स्वभाव बिल्कुल नारद मुनि जैसा है। भगवान के ऐश्वर्य का आप पर सीधा प्रभाव पड़ रहा है।
 
Sri Chaitanya Mahaprabhu then said to Srivasa Thakura, "Oh Srivasa, your nature is exactly like that of Narada Muni. The Lord's opulence is having its direct effect on you.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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