श्री चैतन्य चरितामृत  »  लीला 2: मध्य लीला  »  अध्याय 14: वृन्दावन लीलाओं का सम्पादन  »  श्लोक 102
 
 
श्लोक  2.14.102 
एइ मत कत - क्षण करि’ वन - लीला ।
नरेन्द्र - सरोवरे गेला करिते जल - खेला ॥102॥
 
 
अनुवाद
इस प्रकार कुछ समय तक बगीचे में लीला करने के बाद वे सब नरेन्द्र सरोवर नामक सरोवर पर गये और वहाँ जल में क्रीड़ा करने लगे।
 
After playing in the garden like this for some time, they all went to take bath in Narendra Sarovar and enjoyed water sports there.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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