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श्लोक 2.13.87  |
प्रभु - पाछे बुले आचार्य करिया हुङ्कार ।
‘हरि - बोल’ ‘हरि - बोल’ बले बार बार ॥87॥ |
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| अनुवाद |
| अद्वैत आचार्य भगवान के पीछे चलते और बार-बार जोर से “हरिबोल! हरिबोल!” का जाप करते। |
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| Advaita Acharya would follow Mahaprabhu and repeatedly chant loudly, "Haribol! Haribol!" |
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