श्री चैतन्य चरितामृत  »  लीला 2: मध्य लीला  »  अध्याय 13: रथयात्रा के समय महाप्रभु का भावमय नृत्य  »  श्लोक 188
 
 
श्लोक  2.13.188 
अवसर जानि’ आमि करिब निवेदन ।
सेइ - काले याइ’ करिह प्रभुर मिलन ॥188॥
 
 
अनुवाद
सार्वभौम भट्टाचार्य ने आगे कहा, "जब उपयुक्त समय आएगा, मैं आपकी अर्जी प्रस्तुत करूँगा। तब आपके लिए भगवान से मिलना आसान हो जाएगा।"
 
Sarvabhauma Bhattacharya continued, "When I find a suitable opportunity, I will present your request. Then it will be easier for you to come and meet Mahaprabhu."
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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