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श्री चैतन्य चरितामृत
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लीला 2: मध्य लीला
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अध्याय 13: रथयात्रा के समय महाप्रभु का भावमय नृत्य
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श्लोक 176
श्लोक
2.13.176
प्रभुर नृत्य प्रेम देखि’ हय चमत्कार ।
कृष्ण - प्रेम उछलिल हृदये सबार ॥176॥
अनुवाद
श्री चैतन्य महाप्रभु का नृत्यमय और आनंदमय प्रेम देखकर सभी लोग आश्चर्यचकित हो गए। उनके हृदय कृष्ण-प्रेम से मोहित हो गए।
Seeing Sri Chaitanya Mahaprabhu's dance and expression of love, everyone was astonished. Love for Krishna surged in their hearts.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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