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श्लोक 2.12.80  |
श्री - हस्ते दिल सबारे एक एक मार्जनी ।
सब - गण लञा प्रभु चलिला आपनि ॥80॥ |
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| अनुवाद |
| फिर उन्होंने प्रत्येक भक्त को अपने हाथ से एक झाड़ू दी और उन सभी को अपने साथ लेकर भगवान गुंडिका के पास गए। |
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| Then he gave a broom to each devotee with his own hands and took them all with him to Mahaprabhu Gundicha. |
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