श्री चैतन्य चरितामृत  »  लीला 2: मध्य लीला  »  अध्याय 12: गुण्डिचा मन्दिर की सफाई  »  श्लोक 72
 
 
श्लोक  2.12.72 
प्रथमेइ काशी - मिश्रे प्रभु बोलाइल ।
पड़िछा - पात्र, सार्वभौमे बोलाञा आनिल ॥72॥
 
 
अनुवाद
श्री चैतन्य महाप्रभु ने सबसे पहले काशी मिश्र को बुलाया, फिर मंदिर के अधीक्षक को, फिर सार्वभौम भट्टाचार्य को।
 
Sri Chaitanya Mahaprabhu first sent a call to Kashi Mishra, then to the temple caretaker and then to Sarvabhauma.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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