श्री चैतन्य चरितामृत  »  लीला 2: मध्य लीला  »  अध्याय 12: गुण्डिचा मन्दिर की सफाई  »  श्लोक 41
 
 
श्लोक  2.12.41 
महाप्रभु महा - कृपा करेन तोमारे ।
मोरे मिलिबारे अवश्य साधिबे ताँहारे ॥41॥
 
 
अनुवाद
राजा ने रामानंद राय से कहा, "श्री चैतन्य महाप्रभु आप पर अत्यंत कृपालु हैं। अतः कृपया उनसे मेरी भेंट अवश्य कराएँ।"
 
The king said to Ramanand Rai, "Sri Chaitanya Mahaprabhu is very kind to you. Therefore, please request him to meet me."
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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