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श्री चैतन्य चरितामृत
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श्लोक 198
श्लोक
2.12.198
भोजन करि’ उठे सबे हरि - ध्वनि करि’ ।
हरि - ध्वनि उठिल सब स्वर्ग - मर्त्य भरि’ ॥198॥
अनुवाद
दोपहर का भोजन करने के बाद, सभी वैष्णव खड़े हो गए और हरि के पवित्र नाम का जाप करने लगे, और उसकी गूंज से सभी ऊपरी और निचले ग्रह मंडल गूंज उठे।
After eating, all the Vaishnavas stood up, chanting "Hari," "Hari." This Hari sound filled all the higher and lower realms.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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