श्री चैतन्य चरितामृत  »  लीला 2: मध्य लीला  »  अध्याय 12: गुण्डिचा मन्दिर की सफाई  »  श्लोक 17
 
 
श्लोक  2.12.17 
प्रभु कहे, - कि कहिते सबार आगमन ।
देखिये क हिते चाह , - ना कह, कि कारण ? ॥17॥
 
 
अनुवाद
श्री चैतन्य महाप्रभु के यहाँ पहुँचने पर, भगवान ने उन्हें देखकर कहा, "तुम सब यहाँ क्या कहने आए हो? मैं देख रहा हूँ कि तुम कुछ कहना चाहते हो, पर बोल नहीं रहे हो। इसका क्या कारण है?"
 
When they arrived at Sri Chaitanya Mahaprabhu's place, Mahaprabhu looked at them and said, "What have you all come here to say? I see that you want to say something, but you are not saying it. What is the reason?"
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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