सार्वभौम कहे , - सबे च ल’ एक - बार ।
मिलिते ना कहिब, कहिब राज - व्यवहार ॥15॥
अनुवाद
तब सार्वभौम भट्टाचार्य ने कहा, "हम एक बार फिर भगवान के पास जाएँगे, लेकिन उनसे राजा से मिलने का अनुरोध नहीं करेंगे। बल्कि, हम केवल राजा के अच्छे आचरण का वर्णन करेंगे।"
Then Sarvabhauma Bhattacharya said, "We will go to Mahaprabhu once again, but we will not ask him to meet the king. Instead, we will only tell him about the king's good behavior."
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥