श्री चैतन्य चरितामृत  »  लीला 2: मध्य लीला  »  अध्याय 12: गुण्डिचा मन्दिर की सफाई  »  श्लोक 143
 
 
श्लोक  2.12.143 
आचार्य - गोसाञि र पुत्र श्री - गोपाल - नाम ।
नृत्य करिते ताँरे आज्ञा दिल गौरधाम ॥143॥
 
 
अनुवाद
तब श्री चैतन्य महाप्रभु ने अद्वैत आचार्य के पुत्र श्री गोपाल को नृत्य करने का आदेश दिया।
 
Then Sri Chaitanya Mahaprabhu ordered Sri Gopal, the son of Advaita Acharya, to dance.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)