| श्री चैतन्य चरितामृत » लीला 2: मध्य लीला » अध्याय 12: गुण्डिचा मन्दिर की सफाई » श्लोक 125 |
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| | | | श्लोक 2.12.125  | शिक्षा लागि’ स्वरूपे डाकि’ कहिल ताँहारे ।
एइ देख तोमार ‘गौड़ीया’र व्यवहारे ॥125॥ | | | | | | | अनुवाद | | तब भगवान ने स्वरुप दामोदर को बुलाया और उनसे कहा, "अपने बंगाली वैष्णव का आचरण तो देखो! | | | | Then Mahaprabhu called Swarup Damodara and said to him, “Just look at the behavior of your Bengali Vaishnava. | | ✨ ai-generated | | |
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