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श्लोक 86
श्लोक
2.11.86
एइ मुरारि गुप्त, इँह पण्डित नारायण ।
हरिदास ठाकुर इँह भुवन - पावन ॥86॥
अनुवाद
“यहाँ मुरारी गुप्त, पंडित नारायण और हरिदास ठाकुर हैं, जो पूरे ब्रह्मांड के उद्धारकर्ता हैं।
“These are Murari Gupta, Pandit Narayan and Haridas Thakur, the savior of the entire universe.”
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हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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