| श्री चैतन्य चरितामृत » लीला 2: मध्य लीला » अध्याय 11: श्री चैतन्य महाप्रभु की बेड़ा-कीर्तन लीलाएँ » श्लोक 82 |
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| | | | श्लोक 2.11.82  | राजा कहे, - याँरे माला दिल दुड़ - जन ।
आश्चर्य तेज, बड़ महान्त , - कह कोन्जन ? ॥82॥ | | | | | | | अनुवाद | | राजा ने पूछा, "स्वरूप दामोदर और गोविंद ने ये दोनों मालाएँ किसे अर्पित कीं? उनका शारीरिक तेज इतना महान है कि वे अवश्य ही कोई महान भक्त होंगे। कृपया मुझे बताएँ कि वे कौन हैं।" | | | | The king asked, "To whom did Swarupa Damodara and Govinda place the two garlands? Their bodies are so radiant that they must be great devotees. Please tell me who they are?" | | ✨ ai-generated | | |
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