श्री चैतन्य चरितामृत  »  लीला 2: मध्य लीला  »  अध्याय 11: श्री चैतन्य महाप्रभु की बेड़ा-कीर्तन लीलाएँ  »  श्लोक 60
 
 
श्लोक  2.11.60 
स्नान - यात्रा कबे हबे पुछिल भट्टरे ।
भट्ट कहे , - तिन दिन आछये यात्रारे ॥60॥
 
 
अनुवाद
जब राजा ने भट्टाचार्य से पूछा कि भगवान जगन्नाथ की स्नान-यात्रा कब होगी, तो भट्टाचार्य ने उत्तर दिया कि समारोह से पहले केवल तीन दिन शेष हैं।
 
When the king asked Bhattacharya when the festival of bathing Lord Jagannath (Snana-Yatra) would take place, Bhattacharya told him that only three days were left for the festival to take place.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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