श्री चैतन्य चरितामृत  »  लीला 2: मध्य लीला  »  अध्याय 11: श्री चैतन्य महाप्रभु की बेड़ा-कीर्तन लीलाएँ  »  श्लोक 44
 
 
श्लोक  2.11.44 
शुनिया राजार मने दुःख उपजिल ।
विषाद करिया किछु कहिते लागिल ॥44॥
 
 
अनुवाद
यह सुनकर राजा बहुत दुःखी हुआ और अत्यन्त शोक करते हुए इस प्रकार कहने लगा।
 
Hearing this, the king became very sad and spoke in grief as follows.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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