श्री चैतन्य चरितामृत  »  लीला 2: मध्य लीला  »  अध्याय 11: श्री चैतन्य महाप्रभु की बेड़ा-कीर्तन लीलाएँ  »  श्लोक 26
 
 
श्लोक  2.11.26 
प्रभु कहे, - तुमि कृष्ण - भकत - प्रधान ।
तोमाके ये प्रीति करे, सेइ भाग्यवान् ॥26॥
 
 
अनुवाद
श्री चैतन्य महाप्रभु ने तब कहा, "मेरे प्रिय रामानन्द राय, आप कृष्ण के सभी भक्तों में अग्रणी हैं; इसलिए जो कोई भी आपसे प्रेम करता है वह निश्चित रूप से बहुत भाग्यशाली व्यक्ति है।
 
Then Sri Chaitanya Mahaprabhu said, “O Ramanand Rai, you are the foremost among the devotees of Krishna, therefore whoever loves you is certainly very fortunate.”
 ✨ ai-generated
 
 
  Connect Form
  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
  © 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by acd