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श्लोक 183
श्लोक
2.11.183
समुद्र - स्नान करि’ कर चूड़ा दरशन ।
तबे आजि इहँ आसि’ करिबे भोजन ॥183॥
अनुवाद
"समुद्र में जाकर स्नान करो और मंदिर के शिखर को देखो। ऐसा करने के बाद, कृपया यहाँ वापस आकर अपना दोपहर का भोजन करो।"
"Everyone, go to the sea and bathe and visit the temple's peak. After doing so, come here and get food."
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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