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श्री चैतन्य चरितामृत
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अध्याय 11: श्री चैतन्य महाप्रभु की बेड़ा-कीर्तन लीलाएँ
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श्लोक 168
श्लोक
2.11.168
एइ कथा लोक गि या प्रभुरे कहिल ।
शुनिया प्रभुर मने बड़ सुख हइल ॥168॥
अनुवाद
जब लोगों ने यह संदेश श्री चैतन्य महाप्रभु को सुनाया तो भगवान इसे सुनकर बहुत प्रसन्न हुए।
When people gave this message to Sri Chaitanya Mahaprabhu, he was very happy to hear it.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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