श्री चैतन्य चरितामृत  »  लीला 2: मध्य लीला  »  अध्याय 11: श्री चैतन्य महाप्रभु की बेड़ा-कीर्तन लीलाएँ  »  श्लोक 122
 
 
श्लोक  2.11.122 
प्रभुर आज्ञा पालिह दुँहे सावधान ह ञा ।
आज्ञा नहे, तबु करिह, इङ्गित बुझिया ॥122॥
 
 
अनुवाद
"श्री चैतन्य महाप्रभु के आदेशों का सावधानीपूर्वक पालन करना चाहिए। यद्यपि भगवान प्रत्यक्ष आदेश नहीं देते, फिर भी आपको उनके संकेतों को समझकर उनकी इच्छाओं का पालन करना चाहिए।"
 
"The commands of Sri Chaitanya Mahaprabhu must be carefully followed. Although Mahaprabhu will not give any direct orders, his signals should be understood and his wishes followed."
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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