श्री चैतन्य चरितामृत  »  लीला 2: मध्य लीला  »  अध्याय 11: श्री चैतन्य महाप्रभु की बेड़ा-कीर्तन लीलाएँ  »  श्लोक 107
 
 
श्लोक  2.11.107 
आगे ताँरे मि लि’ सबे ताँरे सङ्गे लञा ।
ताँर सङ्गे जगन्नाथ देखिबेन गिया ॥107॥
 
 
अनुवाद
“सबसे पहले भक्त श्री चैतन्य महाप्रभु से मिलेंगे और फिर उन्हें भगवान जगन्नाथ के दर्शन के लिए मंदिर ले जाएंगे।”
 
“All the devotees will first meet Sri Chaitanya Mahaprabhu and then taking him along they will go to the temple to have darshan of Lord Jagannath.”
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)