vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री चैतन्य चरितामृत
»
लीला 2: मध्य लीला
»
अध्याय 11: श्री चैतन्य महाप्रभु की बेड़ा-कीर्तन लीलाएँ
»
श्लोक 107
श्लोक
2.11.107
आगे ताँरे मि लि’ सबे ताँरे सङ्गे लञा ।
ताँर सङ्गे जगन्नाथ देखिबेन गिया ॥107॥
अनुवाद
“सबसे पहले भक्त श्री चैतन्य महाप्रभु से मिलेंगे और फिर उन्हें भगवान जगन्नाथ के दर्शन के लिए मंदिर ले जाएंगे।”
“All the devotees will first meet Sri Chaitanya Mahaprabhu and then taking him along they will go to the temple to have darshan of Lord Jagannath.”
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×